17 अगस्त 2023 - 10:14
सहाबा के नाम पर बदकिरदारों को मुक़द्दस बनाने की साज़िश, पाकिस्तान में बिगड़ेंगे हालात

यह बिल शरारत और फसाद है। यह पाकिस्तान और शिया समुदाय के हर सदस्य की समस्या है, यह बिल अहलेसुन्नत का नहीं, बल्कि तकफ़ीरी टोले का है, हम इसे अस्वीकार करते हैं और हमें एकजुट होकर इसके खिलाफ आवाज़ उठाने की ज़रूरत है, यह सहाबा के नाम पर धोखा है ।


पाकिस्तान में संसद द्वारा जल्दबाज़ी में पारित कराये गए विवादास्पद बिल के खिलाफ देश भर में ग़ुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। तकफ़ीरी ग्रुप के इशारे पर नेशनल असेंबली में गुपचुप तरीके से पास कराए गए विवादित बिल के ख़िलाफ़ देश भर में ग़ुस्सा है। इस्लामाबाद में मिल्लते जाफरिया पाकिस्तान के उलमा और जाकेरीन की एक राष्ट्रीय सभा आयोजित की गई। सम्मेलन में देशभर से हजारों उलमा ने भाग लिया। इस अवसर पर एक संयुक्त योजना प्रस्तुत कर राष्ट्रीय आंदोलन की घोषणा की गई, जिसका सभी विद्वानों ने समर्थन किया है ।

उलमा ने कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि विवादित बिल किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा, पूरा देश एकजुट होकर हर साजिश को परास्त करेगा। अल्लामा साजिद अली नकवी ने अपने विशेष संबोधन में कहा कि 1 रबीउल अव्वल को इस्लामाबाद में एक भव्य जलसा होगा। उन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा कि हमने पाकिस्तान में मुसलमानों के बीच एकता को बढ़ावा दिया है। पवित्रता का सम्मान करना और समानता स्थापित करना हमारा मिशन है। यह बिल शरारत और फसाद है। यह पाकिस्तान और शिया समुदाय के हर सदस्य की समस्या है, यह बिल अहलेसुन्नत का नहीं, बल्कि तकफ़ीरी टोले का है, हम इसे अस्वीकार करते हैं और हमें एकजुट होकर इसके खिलाफ आवाज़ उठाने की ज़रूरत है, यह सहाबा के नाम पर धोखा है । अल्लामा साजिद अली नकवी ने कहा कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, हमारा विरोध जारी रहेगा।